घबराहट के बीच 'संभालो' : सार्वजनिक स्थानों पर पैनिक अटैक को पहचानें और मदद करें

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Posted On:Friday, August 29, 2025

मुंबई, 29 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन) भीड़-भाड़ वाले बाज़ार, एक महत्वपूर्ण प्रस्तुति या मेट्रो की भीड़ में अचानक दिल की धड़कन तेज हो जाना, सांस फूलना और सब कुछ खत्म होने का डर... क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है? यह कोई सामान्य घबराहट नहीं, बल्कि पैनिक अटैक (Panic Attack) या अत्यधिक चिंता (Heightened Anxiety) का एक संकेत हो सकता है। यह एक ऐसी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जो किसी भी समय और कहीं भी हो सकती है। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि हम इन लक्षणों को पहचान कर खुद को या दूसरों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।

पैनिक अटैक के संकेत: जो शरीर और मन दोनों को प्रभावित करते हैं

पैनिक अटैक अचानक, बिना किसी चेतावनी के आते हैं और कुछ ही मिनटों में अपने चरम पर पहुँच जाते हैं। इसके लक्षण बहुत तीव्र होते हैं, जो कई बार दिल के दौरे के समान लग सकते हैं।

शारीरिक लक्षण:

  • तेज दिल की धड़कन (Palpitations): ऐसा महसूस होता है जैसे दिल सीने से बाहर आ जाएगा।
  • सांस लेने में दिक्कत या घुटन (Shortness of breath): जैसे कोई गला दबा रहा हो।
  • पसीना आना या कंपकंपी (Sweating or Trembling): शरीर में अचानक गर्मी या ठंड लगना।
  • सीने में दर्द या बेचैनी (Chest pain or discomfort): जो अक्सर दिल के दौरे का भ्रम पैदा करता है।
  • चक्कर आना या बेहोशी (Dizziness or lightheadedness): ऐसा लगता है जैसे आप गिर जाएंगे।
  • हाथ-पैर सुन्न होना या झुनझुनी (Numbness or tingling): शरीर के अंगों में अजीब सा एहसास।
मनोवैज्ञानिक लक्षण:
  • अचानक और अत्यधिक भय: बिना किसी स्पष्ट कारण के भयानक डर महसूस करना।
  • नियंत्रण खोने का डर: ऐसा महसूस होना कि आप पागल हो रहे हैं या आपका अपने ऊपर कोई नियंत्रण नहीं है।
  • मरने का डर: एक तीव्र और निराधार भय कि कुछ बहुत बुरा होने वाला है।
  • खुद से अलग महसूस करना (Detachment): जैसे आप किसी फिल्म में हैं और अपने शरीर को बाहर से देख रहे हैं।
अगर आप किसी को पैनिक अटैक से जूझते हुए देखें तो क्या करें?

किसी को पैनिक अटैक में देखकर घबराना स्वाभाविक है, लेकिन आपका शांत व्यवहार ही सबसे बड़ी मदद बन सकता है।

शांत रहें और उनका साथ दें: उन्हें बताएं कि आप उनके साथ हैं और वे सुरक्षित हैं। आपकी शांत उपस्थिति उन्हें सुकून दे सकती है।

छोटी और स्पष्ट बातें करें: उनसे पूछें कि क्या उन्हें पानी चाहिए या क्या वे बैठना चाहेंगे। ऐसे वाक्य न कहें जिनसे वे और असहज हों, जैसे "शांत हो जाओ" या "कुछ नहीं होगा"।

सांस लेने में मदद करें: उन्हें धीरे-धीरे और गहरी सांस लेने के लिए प्रेरित करें। आप उनके साथ-साथ सांस लेकर उन्हें सही लय में आने में मदद कर सकते हैं।

ध्यान भटकाने का प्रयास करें: उन्हें आसपास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करने को कहें। जैसे, "मुझे 5 ऐसी चीजें बताओ जो तुम देख सकते हो।" यह "ग्राउंडिंग" तकनीक कहलाती है, जो उनके दिमाग को वर्तमान में वापस लाने में मदद करती है।

उन्हें स्पर्श न करें: जब तक वे खुद न चाहें, उन्हें छूने या पकड़ने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे वे और घबरा सकते हैं।

एक बात याद रखें: पैनिक अटैक एक गंभीर स्थिति है। अगर किसी को बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हैं, तो उन्हें डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत मदद लेने की सलाह दें। समय पर उपचार से इस समस्या से पूरी तरह निपटा जा सकता है।


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